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Jhooth Ko Pehchanana Seekhen “झूठ को पहचानना सीखें”

(Audio Link)https://youtu.be/C00IPOmBk84

(1 पतरस 5:8-9) “8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए।9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।”

(इफिसियों 4:27) “27 और न शैतान को अवसर दो।“

(फिलिप्पियों 4:8) “8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगाया करो।”

परमेश्वर की उपस्थिति में शैतान की बातों को परमेश्वर की बातों से अलग करना यह अनंत जीवन की कुंजी है। दुनिया में सत्य होने का दावा करने वाली कई आवाजें एक साथ बोल रही हैं।ये जो सभी सत्य है वह निश्चित रूप से कुछ सिमित दृष्टिकोण और व्याख्याएं तक हो सकती हैं , लेकिन सम्पूर्ण सत्य केवल एक ही है।

उदाहरण के लिए, पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण का नियम, इस समय, एक परम सत्य है। इसे एक निश्चित बिंदु तक हेरफेर किया जा सकता है, लेकिन इसे कभी भी पूरी तरह से मिटाया या अनदेखा नहीं किया जा सकता । यदि आप किसी इमारत से बाहर कूदते हैं और आपके ऊपर कोई अन्य बल काम नहीं कर रहा है, तो आपके पास जाने के लिए केवल एक ही जगह है, वह है नीचे जाना !

जब यीशु स्वयं को मार्ग, सत्य और जीवन कहते हैं, तो उनका तात्पर्य सम्पूर्ण सत्य से है, न कि अनेक सत्यों में से किसी एक सत्य । जब हम यह समझ लेते हैं कि बाइबल में ईश्वर हमारे बारे में क्या कहता है और उसने हमारे लिए अपने साथ जुड़ने का क्या तरीका बनाया है, तो हम हमारे सामने पेश किए गए सभी भ्रमों और झूठों से मुक्त हो जाएंगे।

हम सब का एक साझा शत्रु है , वह है शैतान। जो हमेश हमें भ्रमित करते रहता है और यही चाहता है कि हम अपनी आध्यात्मिक आँखों से यीशु के बारे में पूर्ण सत्य कभी न देख सकें। इसलिए, वह हमें परमेश्वर की मुक्ति की योजना से दूर रखने और वास्तव में परमेश्वर के प्रेम का अनुभव करने से दूर रखने के लिए लगातार हमारी ओर झूठ के ज्वलंत तीर फेंकता रहता है।

शैतान का सबसे आम झूठ यह है कि परमेश्वर आपका न्याय करना चाहता है वह आपको दंड देना चाहता है,वह आपसे प्यार नहीं करता, आपके पाप इतने गहरे और बुरे हैं कि उन्हें माफ नहीं किया जा सकता , आपके बुरे कर्मों से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है, आप वास्तव में आप प्रायश्चित कर सकते हैं अच्छे कार्यों करने के द्वारा और पापों से मुक्ति पा सकते है, कोई स्वर्ग या नरक नहीं है और सारे हिसाब-किताब इसी जीवनकाल में तय हो जाते हैं, कोई भी आत्मिक गुरु या आध्यात्मिक अगुवा वास्तव में आपके पापों को धो सकता है, इस तरह की भरमानेवाली बातें शैतान आपके मानों में डालता है ।

संभवतः सबसे ज्यादा नास्तिक लोग शैतान के फेंके हुए झूठ को आसानी से स्वीकार लेते है। वे सचमुच मानते हैं कि कोई परमेश्वर नहीं है।और क्योंकि कोई परमेश्वर नहीं है, तो कोई न्याय करनेवाला भी नहीं। यदि कोई न्याय करनेवाला नहीं है, तो निर्णय लेने के लिए कोई नैतिक
कानून भी नहीं है। यदि कोई नैतिक कानून नहीं है, तो हमारे पापों के लिए कोई परिणाम नहीं है, और इसलिए जब तक वे इसका आनंद लेते हैं और अपनी जानकारी के अनुसार किसी को सीधे चोट नहीं पहुंचाते हैं, तब तक कोई भी अपनी इच्छानुसार कार्य करने के लिए स्वतंत्र है।

इसलिए, हर दिन परमेश्व र का वचन पढ़ने में स्थिर बने रहे , ताकि जब शैतान आपके मूड को बदलने के लिए आपकी और नकारात्मक विचार फेंके, तो आप कह सकें “आज नहीं शैतान, मुझे पता है कि यह मेरे लिए नहीं है, और मै तेरी बातों पर विश्वास नहीं करता ।”हमेशा याद रखें, की यदि शैतान निराशाजनक विचारों के साथ आपके दिमाग पर हमला करे और आपको एक नकारात्मक व्यक्ति बनाये, तो उसने यह लड़ाई जीत ली है।

क्यों न आज आप मसीह की सम्पूर्ण सत्य पर विश्वास कर के अपने जीवन में विजय जीने की शुरुआत करे।

• प्रार्थना

• पिता,आप एक मँडराती हुई आत्मा हैं, आपकी पवित्र आत्मा हममें निवास करती है और जलन से तरसती है, वह आत्मा जो कराहते हुए हमारे लिए मध्यस्थता करती है।
• धन्यवाद, पिता, अपना सत्य हमारे लिए उपलब्ध कराने के लिए।
• धन्यवाद कि हम आपके वचन पर दृढ़ रह सकते हैं और यह हमें कभी असफल नहीं होने देगा ।
• आपके पवित्र आत्मा के बिना सिखाये गए सभी बातों को हमने विश्वास कर लिया था इसकिये हमें क्षमा कीजिये।
• हमने आपके वादों पर विश्वास करने के बजाय केवल हमारे लिए मायने रखनेवाली बातों पर विश्वास था इसलिए हमें क्षमा कीजिये ।
• हमें सिखाये की हम कैसे शैतान को अपने जीवन में काम करने से रोके।
• विश्वास में दृढ़ रहकर शैतान का विरोध करने में हमारी सहायता करें।
• आज से हम चुनाव करते है उन सब बातों का जो सत्य है, जो सम्मानजनक है, जो उचित है, जो शुद्ध है, जो स्वीकार्य है, जो सराहनीय है, जो भी उत्कृष्ट है और जो प्रशंसनीय है।

• हम प्रभु यीशु के सामर्थी नाम में प्रार्थना करते हैं।

• आमीन

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